आत्मसम्मान, जिमेदारी और विश्वास और सकारात्मकता व्यक्ति के आंतरिक प्रेरणाएँ होती हैं,
आन्तरिक प्रेरणा का संबध जीत या हार से नही होता, बल्कि यह किसी काम को ईमानदारी से करने में सही निर्णय लेने से महसूस होता है।
बचपन में जब फ़िल्म देखते थे तो कभी कभी एक सिन दिखाई पड़ता था की , एक इंसान के जैसा दो और निकल कर आते थे, एक काले कपड़े में होता और दूसरा सफेद कपडे में, दोनों अलग अलग बाते करते , में सोचती थी काला वाला भुत है और सफेद वाला परी के पास से आया होगा,पर अब जा के मतलब समझ आया,
वास्तव में वो तो हमारी आत्मा की आवाज़ होती है, जब हम किसी कार्य को करते हुए परिस्थितियों के भँवर में फस जाते हैं तो हम अपने दिल से,आत्मा से पूछते है की क्या करे ?? और दो बातें जेहन में चलती है,
तब हम अपनी आन्तरिक प्रेरणा…
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